To Have Without Holding

Author
Marge Piercy
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Image of the Weekबिना पकड़े पाना
- मार्गे पिएर्स्ये ​

एक अलग तरीके से प्रेम करना सीखना कठिन है, दोनों बाहें फैलाए हुए प्रेम, प्रेम से खुले हुए दरवाज़े, खुली हुई अलमारी, खुले कमरों में गरजती और सिसकियाँ लेती हवाएं, चद्दरों और पर्दों को उलटती हुई, खुली हुई मुट्ठी में रक्खे हुए रबर-बैंड्स की तरह।

इतना खुला हुआ प्रेम आपको काफी दर्द दे सकता है, जैसे खिंची हुई मांसपेशियां जो गीले प्लास्टर की बनी हुई लगती हैं। फिर एक बिना-धार के चाकू की तरह और फिर के धारदार चाकू जैसा लगता है।

पकड़ने और जकड़ने की कोशिश को रोकने में दर्द होता है, प्रेम करना और बार - बार जाने देना। उस प्रेमी को याद करना बहुत सताता है जो अब बिस्तर पे नहीं है। उन अहेसानो को याद करना एक मोमबत्ती की तरह जो बंद गुफा में सुलग रही है। सजगता से प्रेम करना, शुद्ध अन्तः कारण से प्रेम करना, ठोस प्रेम करना, रचनात्मक प्रेम करना।

मै नहीं कर सकता, आप कहते हैं के हम मरे जा रहे हैं। पर आप पनप रहे हैं। आप चमक रहे हैं नेओन रौशनी की तरह। आप तैर रहे हैं। हीलियम के गुब्बारे की तरह, हमारे श्वांस की ठंडी - गरम हवाओं में झूलते हुए, हमारे रगों में बहते लहू के लय की तरह बनते और बिगड़ते हमारे सम्बन्ध, पाना पर पकड़ना नहीं, कम से कम द्वेष, भूख और क्रोध के साथ प्रेम करना, हर क्षण संतुलन में।

आत्म निरिक्षण के लिए प्रश्न :-
१ " बाहें फलाये प्रेम करना " और " पाना पर पकड़ना नहीं " से आप क्या समझते हैं?
२ क्या आप एक निजी अनुभव बाँट सकते हैं जहाँ ये आप के लिए जिवंत हो उठे हों ?
३ हम हमारी सजगता से, शुद्ध अन्तः कारण से, ठोस और रचनात्मक प्रेम करने की क्षमता को कैसे विकसित कर सकते हैं?


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