Intentions And Effects


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इरादे और परिणाम
- गैरी जुकाव (१७ अन्तुब्र, २०१८)

क्या आपने कभी सोचा है कि आपके जीवन में जैसे चीजें होती हैं वो वैसे क्यों होती हैं? क्या आपने कभी सोचा है कि आपके अनुभवों का निर्माण, बाकी सब चीज़ों के निर्माण की तरह, कारण और परिणाम के सिद्धांत द्वारा शासित है? इस मामले में, कारण और परिणाम के अप्राकृतिक सिद्धांत। कारण और परिणाम के भौतिक सिद्धांत, भौतिक कारणों और भौतिक परिणामों का संचालन करते हैं, जैसे रॉकेट लॉन्च करना और उसे चंद्रमा पर उतारना। कारण और परिणाम का भौतिक सिद्धांत, कारण और परिणाम के गैर-भौतिक सिद्धांत का एक सीमित रूप है। गैर-भौतिक सिद्धांत आपको गैर-भौतिक कारणों को इस्तेमाल करके गैर-भौतिक परिणामों और साथ ही भौतिक परिणामों को उत्पन्न करने देते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि आप जो भी बनाते हैं आपका उसपर नियंत्रण नहीं हैं। इसके विपरीत, इसका मतलब यह है कि आप जो चाहते हैं उसे बनाने के लिए आप पूरी तरह से स्वतंत्र हैं, बशर्ते आप जानते हों कि कारण और परिणाम के गैर-भौतिक सिद्धांत कैसे काम करते हैं। यदि आप इस सिद्धांत से और यह कैसे काम करता है, इससे अवगत नहीं हैं तो आप बनाते रहेंगे, जैसे आप लगातार बनाते रहते हैं, लेकिन आप जो बना रहे होंगे उसे चाहेंगे नहीं।

वो गैर-भौतिक कारण जिन्हें आप अपने जीवन में परिणाम बनाने के लिए लगातार प्रयोग करते हैं, वो आपके इरादे हैं। यह (असल में) पंचभौतिक (अनुभवजन्य) विज्ञान के लिए बकवास है, क्योंकि आपकी पांच इंद्रियां आपके इरादों का पता नहीं लगा सकती हैं, लेकिन इरादे उतने ही असली हैं जितने कोई भी भौतिक कारण और परिणाम असली हैं, जिन्हें इरादे बनाते हैं।
आपके इरादे आपके गैर-भौतिक कारण हैं जो प्रभाव की ऊर्जा की शुरुआत करते हैं। वे कई किस्म के परिणामों को पैदा करते हैं और, इसलिए, आपके जीवन के अनुभवों को निर्धारित करते हैं। यह उन सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है जिन्हें आप जान सकते हैं। यह एक ऐसी चीज़ है जिसे आप खुद देख सकते हैं कि वो सच है।अपने जीवन के साथ प्रयोग करने से आप अलग तरह से चीज़ों का निर्माण कर सकते हैं, लेकिन आपको जागरूक रूप से नए कारणों (इरादों) का चयन करने की आवश्यकता है। यदि आप सोच-समझकर अलग इरादों का चयन नहीं करते हैं, तो आपके व्यक्तित्व के बेहोश हिस्से (भयभीत हिस्से) उन्हें आपके लिए चुन लेंगे, उन परिणामों के साथ जिन्हें वो आपके लिए बनाएंगे।

अपने जीवन के अनुभवों को बदलने के लिए (उदाहरण के लिए, नाराज से प्रशंसात्मक, या भयभीत से खुश होने के लिए) ज़रूरत है उन इरादों के बारे में जागरूक होने की जिन्हें आप पल-पल चुन रहे हैं, और जिन अनुभवों का आप सामना करते हैं, और फिर उन इरादों और अनुभवों के बीच होने वाले सम्बन्ध के ताल-मेल को देखने के प्रति जागरूक होने की । जितने अधिक आप अपने इरादों और अनुभवों के प्रति जागरूक होते हैं, उतना ही आप उन दोनों के सबंध को देख पाएंगे, और उतना ही आप अपने जीवन के अनुभवों को जागरूकता से बनाने में सक्षम होंगे। यह निपुणता का विकास है। यह प्रामाणिक शक्ति का निर्माण है।

प्रतिबिंब के लिए मूल प्रश्न: नए कारणों का चयन करने से आप क्या समझते हैं? क्या आप कोई व्यक्तिगत अनुभव बाँट सकते हैं जब आप अपने इरादों और अनुभवों के बीच के संबंध के बारे में अवगत हो सके हों? पल-पल जिन इरादों को आप चुनते हैं, उनके बारे में सचेत होने में आपको किस चीज़ से मदद मिलती है?

गैरी जुकाव द्वारा हफ़िंगटन पोस्ट में लिखित आलेख से।
 

From a Huffington Post article by Gary Zukav.


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