Small Graces

Author
Kent Neburn
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नन्ही इनायतें
- केंट नेबर्न द्वारा लिखित (४ दिसंबर, २०१७)

रात होने वाली है। अब सोने का समय है।

आज मैं एक शांत पथ पर चला हूं। मैंने कोई बहुत अच्छा काम नहीं किया है, कोई बड़ा नुकसान भी नहीं। मैं और अधिक होने की इच्छा कर सकता था - कुछ प्रभावशाली घटना, कुछ यादगारपूर्ण। लेकिन और कुछ नहीं हुआ। यह वो दिन था जो मुझे दिया गया था, और मैंने विनीत भाव से इसका मुकाबला करने की कोशिश की है।

यह कितना छोटा लगता है। हम अपने दिनों में पूर्णता की तलाश करते हैं, हमेशा अपने से और अपने जीवन से और अधिक चाहते हैं, और अप्राप्य लक्ष्यों को पाने का प्रयास करते हैं। हम अतीत और भविष्य के विशाल अन्तराल के बीच, रोशनी की इस पतली सी किरण में रहते हैं जिसे हम “आज” कहते हैं। और फिर भी आज कभी पर्याप्त नहीं होता।

यह कहां से आता है, यह अजीब कभी न बुझने वाली मानवीय 'अधिक' पाने की इच्छा जो कि हमारे लिए वरदान भी है, अभिशाप भी? इसने हमें प्रेरित किया है अपनी आँखों को स्वर्ग की ओर उठाने और ब्रह्मांड के टुकड़ों को एक तार में बांधने के लिए, जब तक कि हम दिव्य सृजन की छाया न देख लें। फिर भी इस ज्ञान को पाने के लिए, कभी-कभी हमने एक बादल के रहस्य, एक बगीचे की सुंदरता, एक कदम के आनंद को खो दिया है।

हमें छोटी और बड़ी चीज़ों का आदर करना सीखना चाहिए। [...]

"कन्फ्यूशियस ने अपने अनुयायियों से कहा, बूढ़ों में शांति लाओ, अपने दोस्तों पर भरोसा करो, और युवाओं से प्यार करो।’
"क्या हमें सचमुच इस से ज्यादा की जरूरत है? भोर का सम्मान करने के लिए। एक बगीचे में जाने के लिए। एक मित्र से बात करने के लिए। एक बादल पर चिंतन करने के लिए। एक भोजन का पोषण करने के लिए। दिन के रहस्य के सामने अपना सिर झुकाने के लिए।क्या ये पर्याप्त नहीं हैं?

हम जिस दुनिया को आकार देते हैं, यह वो दुनिया है जिसे हम स्पर्श करते हैं - अपने शब्दों, अपने कार्यों, अपने सपनों के साथ।

अगर हम इतने भाग्यशाली हों कि हम बहुत से लोगों की जिंदगी को छू सकें, तो ऐसा ही हो। लेकिन अगर हमारी किस्मत में एक मेज लगाने, या एक बगीचे का ध्यान रखने, या किसी बच्चे को जंगल में एक रास्ता दिखाने से ज़्यादा नहीं हो, तो हमारा जीवन कुछ कम योग्य नहीं हो जाता।

मैं अपने बिस्तर में घुसता हूँ, कंबल की बढ़ती गर्माहट को महसूस करता हुआ, अपनी पत्नी की कोमल साँस लेने की शांत लय सुनता हूं।

बाहर, हवा धीरे से चलती है, बर्च के पेड़ की एक शाखा घर को छूती है।

न्याय करने के लिए। दया से प्यार करने के लिए। अपने भगवान के साथ विनम्रता से चलने के लिए।

बूढ़ों में शांति लाने के लिए। अपने दोस्तों में विश्वास करने के लिए। युवाओं को प्यार करने के लिए।

कभी-कभी ऐसा लगता है, कि हम बहुत ज्यादा मांगते हैं। कभी-कभी हम यह भूल जाते हैं कि नन्ही इनायतें काफी हैं।

प्रतिबिंब के लिए मूल प्रश्न: नन्ही इनायतों से आप क्या समझते हैं? क्या आप कोई निजी अनुभव नात सकते हैं जब आपने अपने जीवन को नन्ही इनायतें छोटे गुणों से परिपूर्ण महसूस करते हैं? आपको छोटी बड़ी चीज़ों जितना महत्त्व देने में किस चीज़ से मदद मिलती है?

केंट नेबर्न की पुस्तक, स्मॉल ग्रेसेस (नन्हीं इनायतें) से उद्धृत
 

Excerpted from Kent Neburn's book, Small Graces.


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