Violence and Nonviolence

Author
The Dalai Lama and Victor Chan
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Image of the Weekहिंसा और अहिंसा

-दलाई लामा और विक्टर चेन

हिंसा क्या है? अहिंसा क्या है? दलाई लामा ने एक बार मुझे धरमशाला में साक्षात्कार के दौरान पूछा था| स्पष्ट करना काफी मुश्किल है| वो प्रेरणा से संबधित है| अगर हमारे पास सच्ची प्रेरणा है, मन में दया और करुणा की भावना है तो फिर हम चाहे कठोर शब्द बोले, या बल का प्रयोग करे वो सब अहिंसा है| लेकिन नकारात्मक प्रेरणा के साथ अच्छे शब्दों में एक बड़े स्मित के साथ किया गया एक दोस्ताना व्यव्हार और दुसरो का शोषण करना सबसे बड़ी अहिंसा है| उससे जुडी प्रेरणा की वजह से|

मेरा द्रष्टिकोण यह है: आज की सच्चाइ ये है की ये पूरी दुनिया एक शरीर है| सबकुछ मेरा एक हिस्सा है| इसकी समज नकारात्मक भावनाओ को कम करने में मदद करती है| घृणा इसलिए आती है की हम चीजों की परस्पर निर्भरता की सराहना नहीं करते| दर्द आता है क्यों की हम परस्पर निर्भरता को समजते नहीं है | हम नुकशान पहुचाते है, कभी कभी अनजाने में भी, क्यों की हम ताकत और पैसे के लालची है | हम सोचते है की ये चीज़े हमें खुश रखेगी | ये ग़लतफहमी है| सच्ची ख़ुशी तो मन की शांति से आती है| उसे पाने का एकमात्र तरीका है दयालु और परोपकारी होना |

दलाई लामा के लिए बौध की विश्व दृष्टी का सारांश दो शब्दों में कहा जा सकता है: अहिंसा और पारस्परिक निर्भरता | उनके लिए अहिंसा निष्क्रियता नहीं है: हिंसा का अभाव उसका बस एक भाग है | हमें सक्रियता से दुसरो की मदद करनी चाहिए और हमें वो एक सच्चे करुनाभाव से करना चाहिए कोई तरस खाके नहीं| कमसे कम हमें दुसरो को दर्द नहीं पहुचाना चाहिए | किसी को दर्द नहीं पहोचाना ये पारस्परिक निर्भरता का तार्किक तरीका है| क्यों की सबकुछ हमारा ही एक भाग है, दुसरो को दर्द पहुचाने से खुद को ही दुःख मिलेगा|

दलाई लामा ने हमें दिल्ही में कहा "तो दुसरो का खयाल रखना, विश्व के दुसरे हिस्सों का खयाल रखना वो असलमे खुदका खयाल रखने के बराबर है| क्यों की व्यक्तिगत भविष्य पुरे मानवता के ऊपर निर्भर है| तो ये है नयी सच्चाई - विश्व की आर्थिक व्यवस्था और जनसँख्या और टेक्नोलॉजी और पर्यावरण सब पारस्परिक निर्भर है| जब तक आपके पास ये भावना है आप दुसरो की भलाई के बारेमे सोचेंगे | फिर वहा पर धोका देने की कोई जगह नहीं है, शोषण करने की कोई जगह नहीं है| सबकुछ आपका हिस्सा है, मेरा हिस्सा है |

और कार्य एवं कार्यकर्ता के बिच में अंतर बनाना बहुत ही जरुरी है | हमें ख़राब कार्यो का विरोध करना चाहिए, पर इसका मतलब ये नहीं के हम वो व्यक्ति जिसने कार्य किया है उसका भी विरोध करे| एक बार कार्य रुक जाता है फिर दूसरा कार्य आता है | फिर वो व्यक्ति दोस्त भी बन सकता है| इसीलिए आज चीन दुश्मन है; अगले दिन ये संभव है की वो दोस्त बन जाए| और इसीलिए चीन के लोगो ने मेरी जनता और मेरे देश के साथ जो किया है उसे भुलाने में मुझे कोई परेशानी नहीं है|

विस्डम ऑफ़ कम्पेशन से - दलाई लामा और विक्टर चेन

आत्म-निरिक्षण के लिए प्रश्न

आपके लिए अहिंसा का क्या मतलब है? क्या आप आपके जीवन की कोई कहानी बता सकते है जो अहिंसा और प्रेरणा के बिच के सम्बन्ध को समजा सके? आप केसे एक व्यक्ति के प्रति दयालु रहेने की लेकिन उसके द्वारा किए गए कार्य का विरोध करने की क्षमता को प्राप्त करोगे?


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