देह की सीमाओं (रोमों ) में क़ैद , तुकाराम
पिछले दिनों मैं अपनी बिल्ली के साथ ध्यान कर रहा था
और अचानक वह चिल्लाकर बोली,
“क्या हुआ?!”
मैं ठीक-ठीक समझ गया कि उसका मतलब क्या था, लेकिन मैंने उसे
और कहने के लिए प्रोत्साहित किया—मुझे लगा कि अगर वह अपने मन की
सारी बात खुलकर कह देगी, तो उस रात उसे बेहतर नींद आएगी।
इसलिए मैंने कहा, “और बताओ, प्रिय,”
और उसने बड़ी आत्मीयता से म्याऊँ करते हुए कहा:
“दरअसल, मैं आकाश के साथ घुली-मिली हुई थी। मैं इधर-उधर
तेज़ी से दौड़ते हुए धूमकेतु थी। मैं तपते हुए सूर्य थी—अरे,
मैं तो आकाशगंगाएँ थी। लेकिन अब देखो—मैं
रोमों में क़ैद होकर रह गई हूँ।” ( यानि देह की सीमाओं में कैद होकर रह गयी हूँ )
इस पर मैंने कहा, “मैं ठीक-ठीक समझता हूँ कि तुम क्या कहना चाहती हो।”
रहस्य दर्शियों (Mystics) के बीच होने वाली बातचीत के बारे में और क्या कहा जाए?
मनन के लिए बीज-प्रश्न : “ देह की सीमाओं ( रोमों) में कैद होने की इस अनुभूति से आप किस तरह जुड़ते हैं—वह विराटतर स्वरूप ,जो आकाश के साथ घुला मिला था , अब जो अब एक शरीर और एक जीवन की सुंदर सीमाओं के भीतर कैद है, उसको याद करने की टीस ? क्या आप अपने जीवन की ऐसी कोई कहानी साझा कर सकते हैं, जब अचानक आपको अपनी असीमता जिसे आप किसी गहरे स्तर पर अपना अस्तित्व मानते थे, —और आपके आम दिनों का वह छोटा, निश्चित और विशिष्ट आकार के बीच का अंतर महसूस हुआ हो ? और जब आपने उस भावना को अपनी आवाज़ देने दी, तो वह अनुभव कैसा था? आपको इन दोनों चीज़ को एक साथ अपने साथ रखने में किस चीज़ से मदद मिलती है बिल्ली और धूमकेतु , और आकाशगंगा और उस साधारण कमरे को, जिसमें आप आज सुबह जागे थे?
From: “Love Poems From God: Twelve Sacred Voices from the East and West” (Ladinksy, 2002)
How do you relate to the notion of being "landlocked in fur" - that ache of remembering a vaster self, mingled with the sky, while living inside the beautiful constraints of a body and a life? Can you share a personal story of a moment when you suddenly felt the gap between the boundlessness you somehow know yourself to be and the small, specific shape your days have taken - and what it was like to let that feeling speak? What helps you hold both at once: the comet and the cat, the galaxy and the ordinary room you woke up in this morning?