“मकई का दाना” -
थिच नहत हान के द्वारा ,
वियतनाम के मानसिक अस्पताल में एक मरीज था जो सामान्य लग रहा था। वह दूसरे लोगों की तरह खाता-पीता और बात करता था। लेकिन उसे लगता था कि वह मकई का दाना है और जब भी वह मुर्गी देखता तो अपनी जान बचाने के लिए भागता। उसे अपनी असली पहचान का पता नहीं था। जब नर्स ने डॉक्टर को यह बताया तो डॉक्टर ने उससे कहा,
“सर, तुम मकई का दाना नहीं हो, तुम एक इंसान हो। तुम्हारे पास बाल, आंखें, नाक और हाथ हैं।” उसने एक तरह का उपदेश दिया और अंत में उसने पूछा, “अब, सर, क्या तुम मुझे बता सकते हो कि तुम क्या हो?” उस आदमी ने जवाब दिया, “डॉक्टर, मैं एक इंसान हूँ। मैं मकई का दाना नहीं हूँ।” डॉक्टर खुश था। उसे लगा कि उसने इस मरीज की बहुत मदद की है। लेकिन निश्चित होने के लिए उसने उस आदमी से कहा कि वह वाक्य, “मैं एक इंसान हूँ, मैं मकई का दाना नहीं हूँ,” को दिन में चार सौ बार दोहराए और इसे हर दिन तीन सौ बार कागज के टुकड़े पर लिखे। वह आदमी ऐसा करने में लग गया और उसने बाहर जाना ही बंद कर दिया। वह बस अपने कमरे में बैठे रहे और डॉक्टर ने जो कुछ भी लिखा था उसे दोहराते रहे। एक महीने बाद, डॉक्टर उसे देखने आए और नर्स ने बताया, “वह बहुत अच्छा कर रहा है। वह घर के अंदर रहता है और आपने जो अभ्यास बताए हैं, उन्हें बहुत लगन से करता है। ” डॉक्टर ने पूछा,
“सर, सब कैसा है?”
“बहुत अच्छा, धन्यवाद, डॉक्टर।”
“क्या आप मुझे बता सकते हैं कि आप क्या हैं?”
“हाँ, डॉक्टर। मैं एक इंसान हूँ। मैं मकई का दाना नहीं हूँ।”
डॉक्टर बहुत खुश हुआ। उसने कहा, “हम आपको कुछ दिनों में छुट्टी दे देंगे। कृपया मेरे साथ मेरे कार्यालय में आइए।” लेकिन जब डॉक्टर, नर्स और मरीज़ साथ-साथ कार्यालय की ओर जा रहे थे, तो एक मुर्गी वहाँ से गुज़री और वह आदमी इतनी तेज़ी से भाग गया कि डॉक्टर उसे पकड़ नहीं पाए। एक घंटे से ज़्यादा समय के बाद नर्स उसे कार्यालय ले आई। वो डॉक्टर नाराज़ हो गया और उसने कहा, “आपने कहा था कि आप एक इंसान हो और मकई के दाने नहीं हो।फिर आप उस मुर्गी को देख कर भाग क्यों गए? यह सही बात है कि मैं इंसान हूँ और मकई का दाना नहीं हूँ है।पर इस बात पर मैं कैसे भरोसा करूँ कि यह बात मुर्गी को भी पता है ?
मनन के लिए मूल प्रश्न: आप जानकारी एवं गहरी समझशक्ति में क्या अंतर देखते हैं? क्या आप उस समय की कहानी साझा कर सकते हैं जब आपने जानकारी एवं गहरी समझशक्ति के अंतर को अपने जीवन में प्रकट होता पाया हो? आपको जानकारी से आगे बढ़ कर गहरी समझशक्ति की ओर बढ़ने में किस बात से मदद मिलती है ?
Thich Nhat Hanh is a Buddhist monk, an author, a teacher, and a global luminary who was nominated for Noble Peace Prize by Martin Luther King Jr. Excerpt above from the book 'Touching Peace'.
Seed Questions for Reflection
How do you relate to the difference between intellectual knowing and deep understanding? Can you share a personal story of a time you saw this difference play out in your life? What helps you move beyond an intellectual knowing and toward a deep understanding?