खालीपन कैफे
--सुसान क्हान के द्वारा
जीवन चलता है
छाया और प्रकाश की तरह,
तुरंत दिखाई देता है,
हालांकि मुझे समय नहीं दिखता।
शहर भी सोच में आये,
कुछ भी अकेला नहीं।
बिना देखे कोई द्रष्टा नहीं,
बिना बात के सोच नहीं।
विषय और वस्तु अंतर-उदय।
भावनाएँ, धारणाएँ, कोई भी स्व-निर्मित नहीं।
दिल भी नहीं
अपनी ज्योति यूँही जलाता है।
खुद से अलग स्व चला जाता है।
संवेदनाएं हैं, वार्तालाप हैं,
सुगंधित चिंतन,
लेकिन कोई भी 'मैं" नहीं दावा करने के लिए
इस खालीपन कैफे पर।
मनन के लिए मूल प्रश्न: खालीपन कैफे में होना आपके लिए क्या मायने रखता है? क्या आप एक व्यक्तिगत अनुभव साझा कर सकते हैं जहां समय गायब हो गया और जीवन दिखाई दिया? आपको द्वैत में गैर-द्वैत देखने में क्या मदद करता है?
Susan Kahn teaches the philosophy and practice of Emptiness Teachings also known as Middle Way Buddhism or
Madhyamaka. She is also a practicing psychotherapist.
Seed Questions for Reflection
What does hanging out in the emptiness cafe mean to you? Can you share a personal experience where time disappeared and life appeared? What helps you see non-duality in duality?