समय की कतरन (time confetti) और फुर्सत के छिन्न भिन्न लक्षण द्वारा असले व्हिल्लंस
यह सही है कि अभी हमारे पास , पचास वर्ष पूर्व के मुकाबले , फुर्सत का समय अधिक है | पर यह फुर्सत कभी भी इतनी कम आरामदायक नहीं थी क्योंकि mobile screen ने इसमें दखल अंदाजी कर दी है|
प्रौद्योगिकी हमारा समय बचाती तो है पर हमारा समय चुरा भी लेती है | ये ही स्वायतत्ता का विरोधाभास माना जाता है| हम mobile तकनिकी अपनाते हैं ताकि हम कब और कितने समय काम करने की स्वायत्ता पा सकें परन्तु इसके विपरीत हम हर समय काम कर रहे होते हैं|लम्बी अवधी की फुर्सत का समय अब हमारे लैपटॉप, स्मार्ट घडी, मोबाइल फ़ोन , टेबलेट्स इत्यादि से निरन्तर बाधित होता रहता है|
यह स्थिति संज्ञानात्मकत्ता पे असर करती है और हमारे फुर्सत के समय को इस तरह से खंडित कर देती है कि इस फुर्सत के समय का प्रयोग तनाव दूर करने और खुशी देने के काम नहीं आता है|शोधन कर्त्ताओं ने इस तथ्य को समय की कतरन ( time confetti) बताया है, जिसमे हमारे सेकंड एवं मिनट अनुत्पादक बहुकार्यण ( unproductive multitasking) में नष्ट होते रहते हैं| थोडा थोडा अपने आप में यह बुरा नहीं दिखता | पर सामूहिक तौर पे समय का छिन्न भिन्न होना जितना हम सोचते हैं उससे बहुत ज्यादा हानिकारक होता है|
प्रत्येक अवरोध सामान्य होता है और कुछ ही सेकंड लेता है| सामूहिक तौर पे ये दो प्रकार से नकारात्मक प्रभाव देता है|पहला है कि हमारे एक घंटे का बड़ा भाग ये ले लेता है| दूसरा और ज्यादा प्रभावी पहलू है कि यह हमारे फुर्सत के घंटे को छिन्न भिन्न कर देता है|ज्यादातर ये अवरोध पूरे घंटे में बराबर फैले होते हैं|
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जब हम जन्म दिवस के भोज का स्वाद ले रहे होते हैं , उस वक़्त हमारे मित्रों की छुट्टियों कि तस्वीरें के Notifications, उस खाने के स्वाद को कम कर देते हैं|जब हम आत्मीय दोस्त के साथ खाने के लिए भोजनालय खोज रहे होते हैं, तो असंख्य समीक्षाएं और मूल्यांकन हमें खाना का स्वाद लेने के बजाए उसे खोजने में समय व्यतीत करने को बाध्य कर देती हैं| जब हम मित्रों एवं परिवार के साथ महत्वपूर्ण समय व्यतीत करने निकले होते हैं, तो हमारे कार्य छेत्र के सन्देश हम में दोष एवं अपूर्ण कार्य होने कि आशंका देते रहते हैं |
आराम के समय कार्य छेत्र के बारे में सोचते रहने से हलचल महसूस होती है , क्योंकि समय के अभाव का भाव , हमारे मस्तिश्क में वह कार्य कैसे बैठा है, से उत्पन्न होता है| अगर हम जब एक अच्छे पिता होने कि कोशिश कर रहे होते हैं, और उस वक़्त कार्य छेत्र से कोई EMAIL आ जाए , तो हम यह बिना सोचे नहीं रह सकते कि क्या हमें ऑफिस का किसी समयसीमा वाला कार्य नहीं कर रहे होना चाहिए था , अपने बच्चे के साथ समय व्यतीत करने के बजाय? वो दुविधा हमें एक बुरे पिता होने का अहसास दिलाती है ( मैं अपने बच्चे के साथ खेलते हुए अपने कार्य छेत्र का क्यों सोच रहा हूं) या एक बुरे कर्मचारी का ( क्या बच्चे के साथ बहुत ज्यादा समय व्यतीत कर रहा हूं ? क्या मेरी तरक्की किसी और को मिल जाएग ? )
किसी तनाव कारक कार्य से वापस वर्तमान में अपने दिमाग को लगाने में काफी समय लगता है|लोग अपने फुर्सत के समय का आनंद कम ले पाते हैं, और पूछे जाने पे कहते हैं उनके पास फुर्सत का समय कम था| यह प्रौद्योगिकी का गहरा जाल है ; समय की कतरन हमें समय की अधिक कमी का एहसास कराती है
जब हम समय की दरिद्रता महसूस करते हैं, तो हम छोटे छोटे कार्य , जो कम समय में किये जा सकते हैं, ले लेते हैं, ताकि हम समय पे अपने नियंत्रण का अनुभव कर सकें|हम अपने आप से कहते हैं, देखो मैंने दुग्ध गिलास बना लिया , मैंने ये लघु कार्य पूरा कर लिया | यहाँ पे , ये सिर्फ हमारे भ्रमित नियंत्रण का अहसास कराता है और हमारी व्यस्तता के मूल कारण को दूर नहीं करता|
समय कि दरिद्रता सभी को एक जैसी महसूस होती है , पर समय की बाहुतायत सब के लिए अलग लगती है| हम अपना समय पंद्रह मिनट गिटार बजने में व्यतीत कर सकते हैं, बजाय इसके की हम फ़ोन को scroll करते रहें, या दस मिनट का ध्यान लगा सकते हैं, या शनिवार के सवेरे अपनी बचत का निवेश कैसे करें ये जानने में लगा सकते हैं, बजाय अपने कार्य छेत्र के बारे में गप्पें मारने के| आपके लिए समय की बहुतायत चाहे कुछ भी मायने रखती हो, पर हम में से खुश और समय की बहुतायत वाले वो ही हैं जो अपने खाली समय का “पूर्ण “ इस्तेमाल करते हैं | समय की बहुतायत की ओर बढ़ने का मतलब है , समय को छिन्न भिन्न करने वाली चीज़ों को पहचानना एवं उनसे पार पाना और अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए ,बेहतर और मायनेपूर्ण छण हरेक दिन में से निकालते रहना|
मनन के लिए बीज प्रश्न” : आप समय की दरिद्रता , समय की बहुतायत , समय की कतरन , समय की स्वायत्ता का विरोधाभास , इन सब धारणाओं से कैसा नाता रखते हैं? क्या आप एक निजी कहानी साझा कर सकते हैं जब आपने समय की दरिद्रता से, समय के बहुतायत की ओर इरादतन कदम बढ़ाएं हों? आपको इच्छा अनुरूप समय को प्रयोग करने में किस चीज़ से मदद मिलती है? ?
Excerpted from
here. Originally adapted from
Time Smart: How to Reclaim Your Time and Live a Happier Life.
Seed Questions for Reflection
How do you relate to the notions of time poverty, time affluence, time confetti, and the autonomy paradox? Can you share a personal story of a time you made an intentional shift from time poverty to time affluence? What helps you be intentional with your time?