ब्रह्मांड के तीन मिलीमीटर
-- डैनियल गोटलिब( २६ अक्टूबर, २०१६)
प्रिय सैम,
अस्पताल में एक रात, एक दोस्त मुझसे मिलने आयी। मैंने उससे कहा कि मुझे नहीं लगता कि मैं अब और जी सकता हूँ। जो मैं महसूस कर रहा था वो घोर निराशा से भी परे चला गया था । वह आशा खो देना था - उस हर चीज़ की आशा जिसे मैं मूल्यवान, विश्वसनीय समझता था, और प्यार करता था। दर्द बस असहनीय हो गया था।
मेरी दोस्त ने मेरा हाथ पकड़ा और कहा, 'डेन, तुम जिस कारण से हो, वो इस बात से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है कि तुम कौन हो।‘
उस रात, मैंने एक सपना देखा था। मैंने सपने में देखा कि भगवान मेरे पास आये हैं। यह वो भगवान नहीं थे जिनमें मैं विश्वास करता हूँ, जिनके बारे में हम बाइबिल में पढते हैं। यह कुछ अन्य भगवान् थे, और जब वो कुछ बोले, तो उनहोंने कहा, “मैं तुम्हें ब्रह्मांड का एक टुकड़ा देने वाला हूँ। तुम्हारा काम है उसकी देखभाल करना। उसे बड़ा या बेहतर बनाना नहीं - बस उसकी देखभाल करना। और जब मैं तैयार होऊंगा, मैं उसे वापिस ले लूंगा, औए तुम्हारे जीवन का अंत हो जाएगा।”
मैंने ब्रह्मांड के उस टुकड़े को देखा जो भगवान मुझे दिखा रहे थे, और मैंने देखा कि यह सिर्फ तीन मिलीमीटर का था! बस इतना ही? मैं अपने अहम को इस अपमान के खिलाफ जाता महसूस कर रहा था। मैं एक मनोवैज्ञानिक हूँ! मैं एक लेखक हूँ! मेरा एक रेडियो शो चलता है! क्या ये बातें महत्वपूर्ण नहीं हैं?
बेशक, चाहे मैं कितना भी विरोध करता, उससे कुछ फर्क नहीं पड़ने वाला था। मेरे हिस्सा फिर भी - और हमेशा- पूरे ब्रह्मांड का सिर्फ तीन मिलीमीटर ही था। बस यही!
लेकिन इस सपने में मैंने यह भी देखा है कि ब्रह्मांड के तीन मिलीमीटर की देखभाल करना भी एक कमाल की जिम्मेदारी थी। एक ईश्वर प्रदत्त जिम्मेदारी। हालांकि मैंने महसूस किया था कि मैं और नहीं जी सकता, अंत में मुझे यह स्वीकार करना पड़ा कि मुझे अपने तीन मिलीमीटर अपने तैयार होने से पहले वापस देने होंगे। और क्योंकि, उस सपने के समय, मेरा एक घाव था जो मिलीमीटरो में ठीक हो रहा था, मुझे मालूम था कि मेरा काम है ब्रह्मांड के मेरे तीन मिलीमीटर को ठीक करने में मदद करना।
सैम, मैं अपने जीवन के साथ खुश हूँ उसका एक कारण यह है कि मैं ब्रह्मांड के उस हिस्से की देखभाल करता हूँ जिसके लिए मैं ज़िम्मेवार हूँ। मैंने उसे बड़ा या बेहतर नहीं बना दिया। मैंने उसे बदला नहीं है। लेकिन मैंने उसकी देखभाल की है। तुम्हें ये पत्र लिखना सिर्फ अपने तीन मिलीमीटर की देखभाल करने के कई तरीकों में से एक है।
जो मैं तुम्हारे लिए चाहता हूँ, सैम, वही मैं सबके लिए चाहता हूँ - कि तुम्हारा जीवन किस लिए है उसका उतना ही स्पष्ट रूप से अर्थ समझ पाना जैसा उस सपने में मैंने समझ लिया। तुम्हारा तीन मिलीमीटर क्षेत्र के हिसाब से ज्यादा नहीं है। लेकिन मुझे आशा है कि तुम उस आभार और खुशी का अनुभव करोगे जो मैं कर रहा हूँ, क्योंकि मुझे उतना ही देखभाल करने के लिए दिया गया है।
प्यार,
पॉप
विचार के लिए कुछ मूल प्रश्न: ब्रह्मांड के आपके तीन मिलीमीटर क्या हैं? क्या आप कोई व्यक्तिगत अनुभव बाँट सकते हैं जब आपको ब्रह्मांड के आप को सौंपे तीन मिलीमीटर के बारे में ज्ञान हुआ हो? आपको अपने तीन मिलीमीटर की देखभाल करने के लिए किस चीज़ मदद मिलती है?
डैनियल गोटलिब एक क्वाड्राप्लीजिक हैं, और जब उनका पोता १४ महीने का था, उसे ऑटिस्म का निदान किया गया था। उन्होंने उसे पत्र लिखने शुरू किये जिन्हें 'सैम के लिए पत्र' के रूप में संग्रहित किया गया। यह उस किताब से एक अंश है।
Daniel Gottlieb is a quadriplegic, and when his grandson was 14 months, he was diagnosed with autism. He started writing him letters that were complied in 'Letters to Sam'. Above is an excerpt from that book.
Seed Questions for Reflection
What are your three millimeters of the universe? Can you share a personal story of a time you became aware of the three millimeters of the universe entrusted to you? What helps you stay rooted to caring for your three millimeters?