The Root Of The Root Of Your Self

Author
Rumi
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Image of the Weekअपने स्वयं की जड़ की जड़
- रुमी

दूर मत जाओ, पास आओ।
विश्वासहीन मत बनो, आस्थावान बनो।
जहर में ही उसकी दवा ढूंढों।
अपने आप की जड़ की जड़ पर आओ।

मिट्टी में ढला, और गुंधा
निश्चितता के पदार्थ से,
पवित्र प्रकाश के खजाने पर एक पहरेदार -
आओ, अपने स्वयं की जड़ की जड़ पर लौटें।

एक बार जब आप निस्वार्थ हो जाएंगे,
आपको अपने अहंकार से खींचा जाएगा
और कई जालों से मुक्त किया जाएगा।
आओ, अपने स्वयं की जड़ की जड़ पर लौटें।

आप भगवान द्वारा सृजित बच्चों से पैदा हुए हैं,
लेकिन आपने अपना धेय बहुत निचे तय कर दिया है।
आप कैसे खुश रह सकते हैं?
आओ, अपने स्वयं की जड़ की जड़ पर लौटें।

आप भगवान की महिमा के तेज से पैदा हुए थे
और आपको एक दिव्य तारे का आशीर्वाद प्राप्त है।
उन चीज़ों के हाथों क्यों पीड़ित होना जो अस्तित्व में ही नहीं हैं?
आओ, अपने स्वयं की जड़ की जड़ पर लौटें।

आप ग्रेनाइट में अंत: स्थापित रूबी हैं।
आप कब तक ढोंग करेंगे कि यह सच नहीं है?
हम इसे आपकी आंखों में देख सकते हैं।
अपने स्वयं की जड़ की जड़ पर आओ।

आप उस अच्छे दोस्त की उपस्थिति से यहां आए थे,
थोड़ा नशे में, लेकिन नम्र, हमारे दिल चुराते हुए
अपनी गर्म नज़रों से; इसलिए,
आओ, अपने स्वयं की जड़ की जड़ पर लौटें।

[...]


मनन के लिए बीज प्रश्न:
'आपके स्वयं की जड़ की जड़' से आप क्या समझते हैं?
क्या आप अपने स्वयं के जड़ की जड़ों पर लौटने के समय का व्यक्तिगत अनुभव साझा कर सकते हैं?
आपको यह समझने में क्या मदद करता है कि आप ग्रेनाइट में अंत: स्थापित (एम्बेडेड) रूबी हैं?


यह कविता मौलाना जलालुदीन रूमी द्वारा रचित है।
कविता का अंग्रेजी अनुवाद कबीर हेल्मिन्स्की द्वारा किया गया है।
 

Poetry of Mevlâna Jalâluddîn Rumi
Translated by Kabir Helminski


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