Taking a Stand

Author
Lynne Twist
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Image of the Weekकिसी मुद्दे पर एक दृढ मत रखना
-- लिन ट्विस्ट द्वारा लिखित (३१ अगस्त २०१६)

करीब दो हज़ार साल पहले, गणितज्ञ आर्किमिडीज ने कहा, "मुझे खड़े होने की जगह दे दो और मैं दुनिया को हिला दूँगा।”किसी पक्ष पर अडिग ठीके रहना जीने का एक तरीका है और उस अवस्था में होना हमारे भीतर की उस जगह से निकल कर आता है जो दिखाता है कि हम असल में कौन हैं। जब आप कोई पक्ष लेते हैं तो आप ब्रह्मांड में अपनी जगह ढूँढ लेते हैं, और आप दुनिया को हिला देने की क्षमता रखते हैं ।

अपनी बात पर टिके रहने वाले इतिहास के हर युग में रह चुके हैं। उनमें से कई ने कभी कोई सार्वजनिक पद प्राप्त नहीं किया, लेकिन मात्र शक्ति, निष्ठा, और जो पक्ष उन्होंने लिया, उसके परिणामस्वरूप जो वो बन गए, उसकी सच्चाई से उन्होंने इतिहास को बदल दिया। मदर टेरेसा, डॉ जेन गुडाल, मैरियन राइट एडेलमैन, राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला और राष्ट्रपति वाक्लाव हावेल जैसे उल्लेखनीय इंसानों ने अपना जीवन उन्हीं पक्षों के आधार पर जिया जिन पर वो टिके रहे, जो उनकी पहचान और व्यक्तिगत राय को भी पार कर गए ।

कोई भी व्यक्ति जो अपने जीवन के किसी पक्ष पर अडिग रहने का साहस रखता है, वो इन उल्लेखनीय लोगों की गिनती में आ जाता है। आप शायद प्रसिद्ध न हो सकें या नोबेल पुरस्कार न जीत सकें। आपका काम भले ही बच्चों को पालने का हो या कोई और काम जो मानवता के विकास में योगदान देते हैं।आप जो भी करें, पर जिस बात पर आप टिके हैं, वो आपको एक किस्म की प्रामाणिकता, शक्ति, और स्पष्टता देता है।
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जब आपने अपने जीवन में कोई पक्ष लिया है, तो आप इस दुनिया को एक उल्लेखनीय, निरंकुश, असीम संभावना की तरह देखते हैं, जो कि वो है। और लोग खुद को आपकी आँखों से नए तरीके से देखते हैं; वे आपकी उपस्थिति में और अधिक सच्चे हो जाते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि आप उन्हें वैसे ही देखते हैं जैसे वे वास्तव में हैं। वो नकारात्मकता, वो दुष्क्रियता, वो स्थानीयता टूट कर गिरने लगती है, और उन्हें लगता है कि उन्हें समझा, सुना या जाना जा रहा है।


आर्कबिशप डेसमंड टूटू दक्षिण अफ्रीका के सत्य और सुलह आयोग (साउथ अफ्रीकन ट्रूथ एंड रेकॉन्सिलिएशन कमिशन), जिसकी उन्होंने अध्यक्षता की थी, उसके बारे में बोलते हैं। आयोग के सत्र के दौरान, लोगों में उन लोगों को क्षमा करने का साहस था जिन्होंने उनकी बेटी की हत्या की, या उनके बेटे के हाथ और पैर काट दिए। उन्होंने उन भयानक अत्याचारों को माफ कर दिया और घृणा के समुद्र से ऊपर उठ गए और एक ऐसी नई अवस्था में पहुंच गए जहां वो जीवन के लिए अडिग खड़े हो सकें। जैसा अडिग पक्ष लेना हमने दक्षिणी अफ्रीका में देखा, उसकी उपस्थ्ति में स्थानीयता पिघल जाती है और लोग अपने मन और आत्मा में क्षमा कर पाने की जगह ढूँढ पाते हैं।
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बकमिंस्टर फुलर ने एक बार कहा था, "जब आप सत्य की खोज कर लेते है, वह हमेशा सुंदर होता है, और बिना किसी को पीछे छोड़े, हर व्यक्ति के लिए सुंदर होता है।” यही बात दृढ पक्ष लेने पर भी लागू होती है। ऐसा पक्ष लेना समग्रता और सहिष्णुता का माहौल पैदा नहीं करता; बल्कि, यह और गहरी खाइयां बनाता है, अक्सर इस बात की मांग रखकर कि मैं सही हूँ, और तुम ज़रूर ग़लत होगे।

एक दृढ पक्ष लेना तुम्हें कोई मत रखने से नही रोकता। हर इंसान को समय-समय पर काम करने के लिए या अपनी बात समझाने के लिए कोई मत रखना ज़रूरी है। लेकिन जब कोई दृढ संकल्प लिया जाता है तो वो सब को प्रेरित करता है। यह बातचीत की गुणवत्ता को ऊंचा करता है और अखंडता, एकत्रीकरण, और गहरा विश्वास उत्पन्न करता है। एक दृढ पक्ष लेना व्यक्ति के जीवन और कार्यों को आकार दे सकता है और उन्हें गहरी सच्चाइयों तक पहुंचा सकता है जो नए मानडंडों के उद्भव और इतिहास की दिशा में बदलाव को शक्ति देते हैं।

विचार के लिए कुछ मूल प्रश्न: किसी पक्ष पर अडिग खड़े रहने से आप क्या समझते हैं? क्या आपके कोई व्यक्तिगत अनुभव बाँट सकते हैं जब आप किसी पक्ष पर अडिग रह सके हों? आपको किसी पक्ष पर अडिग रहने का साहस करने के लिए कौनसी साधना मदद करती है?

लिन ट्विस्ट “फाइंड ए प्लेस टू स्टैंड” में।






 

Lynne Twist in Find a Place to Stand.


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