Graduation

Author
Nimesh Patel
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Image of the Weekक्रम से बढ़ना (ग्रेजुएशन)
-- निमेश पटेल
(06 अप्रैल, 2015)


लक्ष्य पर अपनी नजर रखो, लेकिन फिर उसे भूल जाओ
क्योंकि सब कुछ बदल जाता है, जैसा कि तुम्हें पता चल जाएगा
हर योजना जो तुम बनाते हो, और हर बीज जो तुम बोते हो
वो नश्वर है, कुछ भी ऐसा नहीं जिसपर तुम्हारा अधिकार हो

जब तुम्हें यह अहसास हो जाए, तब तुम सच्चाई को देखोगे
कि तुम कभी अपने बाग के माली थे ही नहीं
लेकिन इन उपहारों को स्वीकार करो, भले ही तुम नहीं जानते कि देने वाला कौन है
और कृपया अपने बाद आने वाले लोगों की तरफ इन्हें बढ़ाते जाओ

क्योंकि आखिरकार, जो हम लेते हैं वो हमेशा गायब हो जाएगा
लेकिन जो हम देंगे वो सालोंसाल जीवित रहेगा
इसलिए अपना सामान और अपने आप को औरों को देते रहो
जब तक तुम्हारा अहंकार पूरी तरह से पिघल न जाए

तुम क्या प्रभाव छोड़ना चाहते हो, उससे सावधान रहो
उसकी बजाय ध्यान रहे कि हर दिन तुम प्रभावित होते रहो
आकाश पर तुम्हारी दृष्टि हो, लेकिन फिर भी चींटियों दिखती रहें
क्योंकि छोटी-छोटी चीज़ें ही हमेशा रहने वाली चीज़ों की नींव बनती हैं

हम आगे बढ़ते हैं
जैसे समय बीतता जाता है
चलो बस यही आशा रखें कि हम बढ़ें
तो अँधेरे से उजाले की ओर
जब हम शिखर पर पहुँच जाएं
और पीछे मुड़ कर देखें
तो मैं आशा करता हूँ कि
संतुष्ट होकर
खुशी के आँसुंओं से
तुम्हारी आँखें भर आएं

सावधान रहो कि तुम बहुत सी चीज़ें इकट्ठी करने में न लगे रहो
क्योंकि नहीं तो अंत में तुम्हारा मन लालच से भरे जाएगा
और कुछ करते रहना भी वैसे ही धोखा हो सकता है
इसलिए मेरी बात मानो कि बस मौजूद रहने का अभ्यास करो

स्थिर रहो, खुश रहो, स्नेहमय रहो, दयालु रहो
विनम्र रहो, अद्भुत रहो, जागरुक रहो, लेकिन अंधे बन जाओ
किसी की आलोचना मत करो, हर आत्मा में अच्छाई देखो
जब जरूरत पड़े तो अपने दिमाग का प्रयोग करो, लेकिन इससे भी ज्यादा अपने दिल की सुनो

और साथ ही, हर बार जब तुम असफल हो जाओ तो भगवान का धन्यवाद करना मत भूलना,
क्योंकि असफलता से तुम्हारी ये यात्रा, तुम्हारी विरासत और कहानी बनेगी
जब तक तुम और तुम्हारी प्रकृति एक न हो जाए
पक्षियों को दाना डालना, पेड़ों को गले लगाना और सूरज को प्रणाम करना याद रहे

आखिरी बात, अपने हर उपहार के लिए आभारी रहो
क्योंकि आभार और पीड़ा कभी एक साथ नहीं रह सकते
जब तुम उस अवस्था में पहुंच जाओगे, हर पल आनंदमयी हो जाएगा
और ऐसे क्रम से बढ़ना, तुम्हारी सफलता का प्रतीक होगा

प्रतिबिंब के लिए मूल प्रश्न: आप इस धारणा से क्या समझते हैं कि, "आभार और पीड़ा एक साथ नहीं रह सकते?" क्या आप अपना कोई व्यक्तिगत अनुभव बाटना चाहेंगे जहां आपने इस बात का अहसास किया हो कि, “प्यार एक ऐसी मुद्रा है जो कभी ख़त्म नहीं होती?” हम ऐसा अभ्यास कैसे कर सकते हैं जहां हमारी दृष्टि आकाश की ओर हो और फिर भी हम चींटियों को ​देख रहे हों?”

एक बहुत अच्छे कैरियर के शिखर पर, भारतीय-अमेरिकी रैपर, निमेश "नीमो" पटेल को न छोड़ने वाले खालीपन ने घेर रखा था। करीब २५ वर्ष की आयु में उन्होंने अपनी चमकदार ज़िंदगी को छोड़ दिया। एक भीतरी आवाज ने उन्हें अपने जीवन को जड़ से आसान बनाने और दूसरों की सेवा में अपने जीवन के उद्देश्य को खोजने के लिए मज़बूर कर दिया। भारत में गांधी आश्रम में पहुँच कर, आस-पास की गरीब बस्तियों के बच्चों के साथ काम करने पर खुद को समर्पित कर दिया। सात साल तक संगीत से दूर रहने के बाद - जिनमें से ५ साल झुग्गी समुदायों के साथ रह कर और उनसे कुछ सीखने में लगा दिये - उनके अंदर फिर से संगीत लिखने की भावना जाग उठी। पर इस बार एक नए उत्साह के साथ। वो संगीत जो मानवता के मूल को दर्शायेगा। पिछले 9 महीनों में, नीमो ने एक प्यार भरी एल्बम रिलीज़ की, दयालुता और कृतज्ञता पर सह-निर्मित दो संगीत वीडियो जारी किये, और संगीत तीर्थयात्रा पर निकल पड़े - ये सब उन्होंने खोजने, अभ्यास करने और प्यार भरे छोटे छोटे कार्यों को औरों से बांटने के भाव में किया। यह शब्द उनके गीत - क्रम से बढ़ना (ग्रेजुएशन) - से लिए गये हैं।


 

At the pinnacle of a dizzying career, young Indian-American rapper Nimesh "Nimo" Patel was haunted by an unshakeable sense of emptiness. In his mid-twenties, he abandoned the limelight. An inner voice nudged him to radically simplify his life and find his purpose in service to others. Moving to the Gandhi Ashram in India, he dedicated himself to the children in surrounding slums. After a 7-year musical hiatus -- 5 of which were spent living with and learning from slum communities -- something inside nudged him to write music again. But, this time, in a different spirit. One that would reflect the heart of humanity. Over the past 9 months, Nimo has released a labor-of-love album, co-produced two music videos on kindness and gratitude, and embarked on a music pilgrimage -- all in the spirit of finding, practicing, and sharing small acts with great love.  Reading above are the lyrics one of his songs -- Graduation.


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